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Kulgeet

कुलगीत

बाबा मस्तनाथ की धरती, अस्थल बोहर में,
एक विश्वविद्यालय, जैसे कमल सरोवर में।।

इन्हीं योगियों की पीढ़ी में योगी श्रेयोनाथ हुए,
आयुर्वेद की जोति जलाकर, श्रेय-प्रेय के साथ हुए।

योगी चाँदनाथ के सत्कर्मों का पुण्य प्रताप यह सारा है,
दो हजार बारह में स्थापित, विश्वविद्यालय हमारा है।

जो चाहो सो पाओ, मठ की दिव्य धरोहर में,
एक विश्वविद्यालय, जैसे कमल सरोवर में।।

‘अधुनातन’ विज्ञान और ‘टैक्नोलोजी’ की शाखाएँ,
सब कुछ सुलभ यहाँ, ग्लोबल दुनिया की विद्याएँ।

केन्द्र अनेक बने हैं, विद्या के इस मन्दिर में,
एक विश्वविद्यालय, जैसे कमल सरोवर में।।

आस्थाओं, विश्वासों का, शुभ कर्मों का संसार यहाँ,
योगी बालक नाथ सरीखा ‘भौगोलिक विस्तार’ यहाँ。

‘संस्कार’ उद्दीपित, गोचर और अगोचर में,
एक विश्वविद्यालय, जैसे कमल सरोवर में।।

12000

Students

250

Acre Campus

1800

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