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Baba Mastnath University

You are at Baba Mastnath University, where we disseminate knowledge and wisdom to the learners and make their minds strong enough to make a right decision for the successful life-journey.

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Unique Blend of Academics and Spirituality

we help the student to become outstanding professionals with all round physical, mental, social, cultural, spiritual and financial development through ethical standards in order to face the challenges of the new age.

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आध्यात्मिक भूमि पर प्रतिष्ठित एक विश्वविद्यालय

अस्थल बोहर का यह प्राचीन मठ आठवीं शताब्दी से लेकर अब तक जनकल्याण, समाज-सेवा एवं राष्ट्रोत्थान के अनेक उपक्रमों के प्रति संकल्पबद्ध है। यह मठ आमजन व संतों को दीक्षित करके आत्म-साक्षात्कार तथा जनकल्याण में प्रवृत होने की प्रेरणा देता आया है। यहाँ से दीक्षा प्राप्ति के बाद अनेक नाथ योगियों ने उक्त उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए इस अस्थल बोहर मठ का आश्रय लिया है। .....

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60+ Courses

the University offering 60+ Under Graduate, Post Graduate and Doctoral Programmes in various streams for students

250+ acres

With 250+ acres lush green area, the university provides spacious, pollution free enviroment for student to study & innovate.

5000+ Students

More than 5,000 students are currently studying in our University in various UG, PG & Doctoral Programmes.

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Come and explore wide variety of Programmes, at one of the leading universities of Haryana & Delhi NCR
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About BMU

Baba Mastnath University, Rohtak, a private self-financed university, blossomed under the aegis of Shri Baba Mastnath Math, Asthal Bohar in 2012 through an Ordinance of the Government of Haryana under Haryana Private Universities Act-2006. After thorough inspection by an expert panel of UGC members, the University was accorded approval under Section 2(f).

With more than 5000 students and around 200+ faculty members, the University offers Under Graduate, Post Graduate and Doctoral Programmes in streams, like Ayurveda(B.A.M.S), Physiotherapy, Nursing, Sciences, Pharmacy, Humanities, Management & Commerce, Law, Naturopathy & Yogic Sciences, Engineering, Education, Mass Media, Computer Sciences, Languages like Hindi, Sanskrit and English, Social Work, Medical and Para-Medical, Pharmacy, Life and Basic Sciences

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Our Faculties

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Faculty of Ayurveda

Shri Baba Mastnath Ayurvedic College was established in 1957 by Mahant Shri Shryonath ji. He was a well known Vaidya with Impeccable knowledge of Nadi Vigyan. The college was established for the welfare of the weakest s...

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Faculty of Physiotherapy

The Department was established in 1995 at Shri Baba Mastnath Charitable Hospital to cater to the preventive, curative, thera- peutic and rehabilitation needs of the rural people. Need was felt to impart the much needed p...

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Faculty of Nursing

Nursing is a profession within the health care sector focused on the care of individuals, families, and communities so they may attain, maintain, or recover optimal health and quality of life. Nurses may be differentiate...

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Faculty of Sciences

In the Department of Sciences, you will find world class faculty, state of the art laboratories and challenging course work to prepare the future thinkers of tomorrow. Our minors in Biology, Chemistry and Physics are th...

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Faculty of Pharmacy

Shri Baba Mastnath Institute of Pharmaceutical Sciences & Research was established by Math Asthal Bohar in July, 1996. This campus is sprawled over more than 250 acres of land. We have an environment rich in resources wi...

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Faculty of Humanities

Humanities are academic disciplines that study aspects of human society and culture. In the Renaissance, the term contrasted with divinity and referred to what is now called classics, the main area of secular study in un...

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Faculty of Management & Com.

Shri Baba Mastnath Institute of Management Studies & Research was established in the year 1995. It is situated at Asthal Bohar at National Highway No.10 adjacent to Tilyar Lake on Delhi Rohtak Road. It is duly approved b...

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Faculty of Law

The University's Faculty of Law started its journey from the academic session 2014-2015. The main objective of the program is to groom students to acquire profound and exhaustive theoretical and research knowledge that e...

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Faculty of Engineering

Engineering is the use of scientific principles to design and build machines, structures, and other items, including bridges, tunnels, roads, vehicles, and buildings.The discipline of engineering encompasses a...

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आध्यात्मिक भूमि पर प्रतिष्ठित एक विश्वविद्यालय


  अस्थल बोहर का यह प्राचीन मठ आठवीं शताब्दी से लेकर अब तक जनकल्याण, समाज-सेवा एवं राष्ट्रोत्थान के अनेक उपक्रमों के प्रति संकल्पबद्ध है। यह मठ आमजन व संतों को दीक्षित करके आत्म-साक्षात्कार तथा जनकल्याण में प्रवृत होने की प्रेरणा देता आया है। यहाँ से दीक्षा प्राप्ति के बाद अनेक नाथ योगियों ने उक्त उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए इस अस्थल बोहर मठ का आश्रय लिया है। उत्तरी भारत में चैरंगीनाथ जी की तपःस्थली सारे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है। यह तपःस्थली नाथपंथ में आई पंथ की एक महत्त्वपूर्ण गद्दी मानी जाती है। इस स्थान पर आई पंथ के साधु बाबा श्री मस्तनाथ जी ने घोर तपस्या की तथा इस स्थान का जीर्णोंद्धार करके अस्थल बोहर मठ की स्थापना की। वे गुरु गोरक्षनाथ जी के अवतार माने जाते हैं। उन्होंने अपनी कठोर तपस्या एवं अपार सिद्धियों से यह सिद्ध भी करके दिखाया। परिणामस्वरूप जनमानस उन्हें सतत् गोरख अवतारी कहने लगे। बीसवीं सदी में गद्दी के महंत श्री श्रेयोनाथ जी अपने समय के जाने-माने वैद्य थे तथा सन् 1978 ई॰ में हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री भी रहे। वे चाहते थे कि कोई कर्मठ और शिक्षित साधु इस गद्दी का वारिस बने। इस रूप में चाँदनाथ जी योगी को अपना उत्तराधिकारी चुना। महंत चाँदनाथ जी योगी (पूर्व सांसद-अलवर लोकसभा, राजस्थान) ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक उत्कृष्ट कार्य करके अलवर क्षेत्र को विकास के नये आयाम प्रदान किये। महाराज जी ने सन् 1912 ई॰ में बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय की स्थापना की। इससे पहले यहाँ अनेक पाठयक्रम संचालित थे, लेकिन विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने में महंत चाँदनाथ जी योगी का अहम योगदान रहा। जो पौधा उन्होंने लगाया था वह आज दिन-प्रतिदिन नई ऊँचाइयों को छू रहा है। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं कि उन्होंने जो सपना देखा था, वह निरंतर अपनी ऊँचाइयों को छूते हुए नई मिसाल कायम कर रहा है। बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलाधिपति महंत बालकनाथ जी योगी (सांसद-अलवर लोकसभा क्षेत्र, राजस्थान) के निर्देशन में यह विश्वविद्यालय दिन-प्रतिदिन उन्नति और विस्तार के नए कीर्तिमान हासिल कर रहा है।

आध्यात्मिक भूमि पर प्रतिष्ठित एक विश्वविद्यालय


  अस्थल बोहर का यह प्राचीन मठ आठवीं शताब्दी से लेकर अब तक जनकल्याण, समाज-सेवा एवं राष्ट्रोत्थान के अनेक उपक्रमों के प्रति संकल्पबद्ध है। यह मठ आमजन व संतों को दीक्षित करके आत्म-साक्षात्कार तथा जनकल्याण में प्रवृत होने की प्रेरणा देता आया है। यहाँ से दीक्षा प्राप्ति के बाद अनेक नाथ योगियों ने उक्त उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए इस अस्थल बोहर मठ का आश्रय लिया है। उत्तरी भारत में चैरंगीनाथ जी की तपःस्थली सारे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है। यह तपःस्थली नाथपंथ में आई पंथ की एक महत्त्वपूर्ण गद्दी मानी जाती है। इस स्थान पर आई पंथ के साधु बाबा श्री मस्तनाथ जी ने घोर तपस्या की तथा इस स्थान का जीर्णोंद्धार करके अस्थल बोहर मठ की स्थापना की। वे गुरु गोरक्षनाथ जी के अवतार माने जाते हैं। उन्होंने अपनी कठोर तपस्या एवं अपार सिद्धियों से यह सिद्ध भी करके दिखाया। परिणामस्वरूप जनमानस उन्हें सतत् गोरख अवतारी कहने लगे। बीसवीं सदी में गद्दी के महंत श्री श्रेयोनाथ जी अपने समय के जाने-माने वैद्य थे तथा सन् 1978 ई॰ में हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री भी रहे। वे चाहते थे कि कोई कर्मठ और शिक्षित साधु इस गद्दी का वारिस बने। इस रूप में चाँदनाथ जी योगी को अपना उत्तराधिकारी चुना। महंत चाँदनाथ जी योगी (पूर्व सांसद-अलवर लोकसभा, राजस्थान) ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक उत्कृष्ट कार्य करके अलवर क्षेत्र को विकास के नये आयाम प्रदान किये। महाराज जी ने सन् 1912 ई॰ में बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय की स्थापना की। इससे पहले यहाँ अनेक पाठयक्रम संचालित थे, लेकिन विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने में महंत चाँदनाथ जी योगी का अहम योगदान रहा। जो पौधा उन्होंने लगाया था वह आज दिन-प्रतिदिन नई ऊँचाइयों को छू रहा है। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं कि उन्होंने जो सपना देखा था, वह निरंतर अपनी ऊँचाइयों को छूते हुए नई मिसाल कायम कर रहा है। बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलाधिपति महंत बालकनाथ जी योगी (सांसद-अलवर लोकसभा क्षेत्र, राजस्थान) के निर्देशन में यह विश्वविद्यालय दिन-प्रतिदिन उन्नति और विस्तार के नए कीर्तिमान हासिल कर रहा है।

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Hon'ble Chancellor


Mahant Balaknath Ji Yogi


सिद्ध शिरोमणि श्री बाबा मस्तनाथ जी महाराज की तपस्थली के पावन प्रांगण में मेरे दादा गुरु योगिराज श्रीयुत् महंत श्रेयोनाथ जी के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में लगाये गये एक मात्र पौधे को मेरे पूज्य गुरूदेव महन्त श्री चाँदनाथ जी महाराज ने अपनी दूर दृष्टि, कड़ी मेहनत, लगन एवं कर्मठता से एक वट वृक्ष का रूप दिया अर्थात् उन्होंने एक मात्र शिक्षण संस्थान से बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय बनाया
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